भूल न पाएँगे जीवन भर, गुरु के प्यारे मूल हम। कौशल कहे कि युग-युगांतर, आपका नाम अमर रहे, हर शिष्य के दिल में शिक्षक, बनकर एक प्रखर रहे।
शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रस्तुत है कौशल जी द्वारा रचित एक भावपूर्ण कविता, जो शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता को दर्शाती है। यह कविता बच्चों के लिए भी अत्यंत सरल और प्रभावशाली है। भूल न पाएँगे जीवन भर
क्या आप इस कविता में किसी या विद्यालय के कार्यक्रम के लिए भाषण (Speech) की रूपरेखा चाहते हैं? आपका नाम अमर रहे
एक बच्चे के जीवन में माता-पिता के बाद शिक्षक का स्थान सबसे महत्वपूर्ण होता है। जहाँ माता-पिता हमें जीवन देते हैं, वहीं शिक्षक हमें उस जीवन को जीने का सही तरीका और उद्देश्य सिखाते हैं। कौशल जी की कविता के अनुसार, शिक्षक वह प्रकाश पुंज है जो अज्ञानता के अंधेरे को मिटाकर ज्ञान की रोशनी फैलाता है। भूल न पाएँगे जीवन भर